best urdu sad shayari in hindi script


दिन कटा फ़रियाद से और रात ज़ारी से कटी
उम्र कटने को कटी पर कितनी ख़्वारी से कटी
दुल्हन बेगम
【ख़्वारी=शर्मनाक】

ख़ंजर चले किसी पे तड़पते हैं हम 'अमीर' 
सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है 
अमीर मीनाई

उस शख़्स के ग़म का कोई अंदाज़ा लगाये 
जिसको कभी रोते हुए देखा न किसी ने 
वकील अख़्तर
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आ कर हमारी लाश पे क्या यार कर चले
ख़्वाब-ए-अदम से फ़ित्ने को बेदार कर चले
ज़ैबुन्निसा बेगम मख़्फ़ी
【ख़्वाब-ए-अदम=मौत,
फ़ित्ने=उथलपुथल,बेदार=जागना】

ये दर्द कि है तेरी मोहब्बत की अमानत
मर जाएँगे इस दर्द का दरमाँ न करेंगे
कौसर नियाज़ी
【दरमाँ=उपचार】

दिल में घुट घुट कर इन्हें रहते ज़माना हो गया
मेरी फ़रियादें भी अब आमादा-ए-फ़रियाद हैं
नूह नारवी
【आमादा-ए-फ़रियाद=अपना पक्ष रखने को तैयार】

कुछ दर्द की शिद्दत है कुछ पास-ए-मोहब्बत है 
हम आह तो करते हैं फ़रियाद नहीं करते 
फ़ना निज़ामी कानपुरी
【पास-ए-मोहब्बत=प्यार के लिए】

किस को मेहरबाँ कहिए कौन मेहरबाँ अपना
वक़्त की ये बातें हैं वक़्त अब कहाँ अपना
नातिक़ गुलावठी

Best sad shayari

【हिज्र=जुदाई,नौहा=विलाप】

वो दर्द है कि दर्द सरापा बना दिया
मैं वो मरीज़ हूँ जिसे ईसा भी छोड़ दे
सेहर इश्क़ाबादी
【सरापा=सर से पाँव तक,ईसा=ईसामसीह】

हुस्न की बे-रुख़ी को अहल-ए-नज़र
हासिल-ए-इल्तिफ़ात कहते हैं
मतीन नियाज़ी
【अहल-ए-नज़र=दुनिया की नज़र में,हासिल-ए-इल्तिफ़ात=किसी की दया/कृपा हासिल हो जाना】

शाम होते ही तेरे हिज्र का दुख
दिल में ख़ेमा लगा के बैठ गया
इफ़्तिख़ार हैदर

मिरे लबों का तबस्सुम तो सब ने देख लिया 
जो दिल पे बीत रही है वो कोई क्या जाने 
इक़बाल सफ़ी पूरी
【तबस्सुम=मुस्कान】

मिलने के बा'द बैठ रहा फेर कर निगाह
ज़ालिम यगाना होते ही बेगाना हो गया
अनवरी जहाँ बेगम हिजाब
【यगाना=जिसका वजूद सबसे हट के हो】

कहाँ मुमकिन है पोशीदा ग़म-ए-दिल का असर होना
लबों का ख़ुश्क हो जाना भी है आँखों का तर होना
अनवरी जहाँ बेगम हिजाब
【पोशीदा=छुपाये हुए,जो जाहिर न हो,ख़ुश्क=रूखापन,तर=भीगा हुआ】

क्या बर्बाद जिन को वो तमन्नाएँ तुम्हारी थीं
न हसरत मेरी हसरत थी न अरमाँ मेरा अरमाँ था
अनीसा हारून शिरवानिया

मोहब्बत, हिज्र, नफ़रत मिल चुकी है
मैं तक़रीबन मुकम्मल हो चुका हूँ
नदीम भाभा

जो उस ने कहा गो वही करते गए हम तो
इस पर भी निगाहों से उतरते गए हम तो
नवाब बेगम हिजाब
【गो=हालांकि】

मुश्किल को समझने का वसीला निकल आता
तुम बात तो करते कोई रस्ता निकल आता
अम्बर खरबंदा
【वसीला=बीच का रास्ता】

आख़िरी बार मैं कब उस से मिला याद नहीं
बस यही याद है इक शाम बहुत भारी थी
हम्माद नियाज़ी

Best urdu shayari in hindi

ना-मेहरबानियों का गिला तुम से क्या करें
हम भी कुछ अपने हाल पे अब मेहरबाँ नहीं
फ़ानी बदायुनी

'मतीन' उन का करम वाक़ई करम है तो फिर
ये बे-रुख़ी ये तग़ाफ़ुल ये बरहमी क्या है
मतीन नियाज़ी
【तग़ाफ़ुल=उपेक्षा,बरहमी=अप्रसन्नता】

मैं ने हर गाम उसे अव्वल ओ आख़िर जाना
लेकिन उस ने मुझे लम्हों का मुसाफ़िर जाना
कौसर नियाज़ी
【गाम=कदम,अव्वल=श्रेष्ठ】

वो सिर्फ़ मैं हूँ जो सौ जन्नतें सजा कर भी
उदास उदास सा तन्हा दिखाई देने लगे
सलाम मछली शहरी


मेरी हसरत ने ओढ़ी जो लफ़्ज़ी क़बा 
मेरे ख़ामोश लब का तराना गया
मोहम्मद अज़हर शम्स
【लफ़्ज़ी क़बा=अपने शब्दों को बनावटीपन देना,लफ़्ज़ों को नया रूप देना】

ज़ब्त करता हूँ तो घुटता है क़फ़स में मिरा दम 
आह करता हूँ तो सय्याद ख़फ़ा होता है 
क़मर जलालवी
【ज़ब्त=संयम,क़फ़स=पिंजरा,सय्याद=शिकारी】

कहकहा मारते ही दीवाना, हर गम-ऐ-ज़िन्दगी को भूल गया
क्या क़यामत हुयी अगर इक शख्स, अपनी खुशकिस्मती को भूल गया
जौनएलिया

बात अब आई समझ में कि हक़ीक़त क्या थी 
एक जज़्बात की शिद्दत थी...मोहब्बत क्या थी 
अब ये जाना कि वो दिन-रात के शिकवे क्या थे 
अब ये मालूम हुआ वज्ह-ए-शिकायत क्या थी 
एहसास दरबांगवी

मुसलसल हादसों से बस मुझे इतनी शिकायत है
कि ये आँसू बहाने की भी तो मोहलत नहीं देते
वसीम बरेलवी
【मुसलसल=निरन्तर】

अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें 
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं 
जाँ निसार अख़्तर










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