ज़िन्दगी जिसे हम हर पल का अनुभव हर पल का एहसास कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी! उन्ही एहसासों और उन्ही अनुभवों के आधार पर हमारा ज़िन्दगी के प्रति नज़रिया बनता है।
अनुभव कड़वे भी हो सकते हैं! और अनुभव मीठे भी हो सकते हैं
पर यही अनुभव हमें ज़िन्दगी को जीना सिखाते हैं
ज़िन्दगी को करीब से जानने का मौका देते हैं
तो दोस्तों आज उसी ज़िन्दगी को शायर की नज़र से महसूस करते हैं
उम्मीद है आपको पसंद आये...
__________________________________________
Best shayari on zindagi


वक़्त पर कोई काम नहीं आता हम ने ख़ुद को भी आज़माया है 
               ~तरकश प्रदीप

चला जाता हूँ हंसता खेलता मौज-ए-हवादिस से अगर आसानियाँ हों ज़िन्दगी दुश्वार हो जाये!                                     ~असग़र गोंडवी

इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े  
          ~कैफ़ी आज़मी
Life,shayari on life,urdu shayari,shayari in hindi,image shayari,zindagi



जो लोग मयस्सर हैं वो लोग गनीमत हैं ,,, कब कौन बिछड़ जाए अंदाज़ा नहीं होता ..!!

'ज़िंदगी',,एक कहानी के सिवा कुछ भी नहीं,,, जनाब,, 'लोग' किरदार निभाते हुए मर जाते हैं,,,,,

रश्क करती है दुनिया खुशमिज़ाजी से मिरी पर देख कर मुझे आईना रोता बहुत है 
         ~राजीव त्यागी
Life,shayari on life,urdu shayari,shayari in hindi,image shayari,zindagi

सरल रहिये, ताकि सब आपसे हिलमिल सके तरल रहिये, ताकि आप सबमें घुलमिल सकें

ये सोच कर कि मेरी शख़्सियत न दब जाये , मैं उसके साथ बहुत देर तक नहीं रहता !        ~वसीम बरेलवी

धूप कहती ही रही... मैं धूप हूँ, मैं धूप हूँ... अपने साए पर भरोसा... देखने की चीज़ थी...!!
Life,shayari on life,urdu shayari,shayari in hindi,image shayari,zindagi



"हवा के रुख़ पे रहने दो ये जलना सीख जाएगा... कि बच्चा लड़खड़ाएगा तो चलना सीख जाएगा!!"

“इतने मधुर न हों कि लोग आपको निगल लें, इतने कटु भी नहीं कि वे आपको उगल दें।”                   ~पश्तो की कहावत

तू मेरे महबूब की हमशक्ल है जिन्दगीँ तुझसे गिले बेकार है 
      ~ बल्ली सिँह चीमा


Life,shayari on life,urdu shayari,shayari in hindi,image shayari,zindagi
मन बैरागी, तन अनुरागी, क़दम-क़दम दुश्वारी है जीवन जीना सहल न जानो, बहुत बड़ी फ़नकारी है 
         ~निदा फ़ाज़ली

अब तो दरिया में बंधे बैठे हैं दरिया की तरह अब किनारों की तरफ़.....ध्यान कहाँ जाता है      ~शाहीन अब्बास

ये माना ज़िंदगी है चार दिन की बहुत होते हैं यारो चार दिन भी 
~फ़िराक़ गोरखपुरी

"सौ बात की एक बात यह कि हम उन्नतिशील हों या अवनतिशील,लेकिन हम सब गतिशील जरूर हैं--कोई भी स्थितिशील नहीं है।" ~रवींद्रनाथ टैगोर

तूफ़ान में आई जो कश्ती, लाख वादे कर दिये, साहिल पे आकर फिर मुकरने की है फ़ितरत क्यूँ यहाँ..!!
Life,shayari on life,urdu shayari,shayari in hindi,image shayari,zindagi

दिन किसी तरह से कट जाएगा सड़कों पे शफ़क़ शाम फिर आएगी हम शाम से घबराएँगे ~फ़ारूक़ शफ़क़



Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box

Search