Attitude shayari  | तेवर
◆हर किसी के हाथ में बिक जाने को तैयार नही है ये मेरा दिल है, तेरे शहर का अखब़ार नही..

◆मेरी आँखों के जादु से अभी तुम कहाँ वाकिफ हो, हम उसे भी जीना सिखा देते हे जिसे मरने का शौक हो।

◆हर किसी को मैं खुश रख सकूं, वो सलीका मुझे नहीं आता.. जो मैं नहीं हूँ, वो दिखने का तरीका मुझे नहीं आता।

◆मेरी शोहरत का अन्दाजा इसी बात से लगा लेना, जिन्हे तुम सलाम करते हो, वो मुझे सलाम करते है..

◆अच्छे होते है बुरे लोग,.. कम से कम अच्छे होने का दिखावा नहीं करते..

◆मजा इसमें कुछ की, दुश्मन को भी ख़बर दे कर मारो.. अगर बे-हुनर है तो उसको, हुनर दे कर मारो..

Attitude shayari  | तेवर

◆ना तो बिका हूँ ना ही कभी बिक पाऊंगा, ये ना समझना मैं भी हज़ारो जैसा हूँ

◆मुझे ही नहीं रहा शौक़-ए मोहब्बत वरना.. तेरे शहर की खिड़कियाँ इशारे अब भी करती हैं..

◆गुलामी तो हम सिर्फ अपने माँ बाप की करते है.. दुनिया के लिये तो कल भी बादशाह थे और आज भी..

◆महसूस जब हो कि सारा शहर, आपसे ज़लने लगा है, समझ लेना आपका नाम भी, चलने लगा है..

◆दिल में नफरत हो तो चेहरे पर भी ले आता हूँ, बस इसी बात से दुश्मन मुझे पहचान गये।।

◆हम मशहुर होने का दावा तो नही करते मगर.. जिसे भी आखँ भर कर देख लेते है.. उसे उलझन मे डाल देते है।
Attitude shayari  | तेवर
◆अक्सर वही लोग उठाते हैं सूरज पर उंगलियां.. एक जुगनू तक को छूने की जिन की औकात नहीं होती..

◆हम भी दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम हे। जिस तरफ भी चल पडेंगे, रास्ता हो जायेगा।

◆हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से, नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है..

◆लहरों को शांत देख कर ये न समझना की समंदर में रवानी नहीं है.. जब भी उठेंगे तूफान बन के उठेंगे.. अभी उठने की ठानी नहीं है ..

◆कोशिश न कर, सभी को “खुश” रखने की, कुछ लोगो की “नाराजगी” भी जरूरी है, चर्चा में बने रहने के लिए…

◆झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते हैं … बाज़ की उडान में कभी आवाज़ नहीं होती
Attitude shayari  | तेवर

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